इन-हैंड कैसे निकलता है?
इन-हैंड = CTC − नियोक्ता EPF − कर्मचारी EPF − प्रोफेशनल टैक्स − आयकर
- EPF: बेसिक का 12% कर्मचारी और 12% नियोक्ता। कई कंपनियाँ ₹15,000 बेसिक पर सीमित रखती हैं।
- आयकर नई व्यवस्था से (₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन, ₹12 लाख तक 87A छूट)।
| कर योग्य आय (नई व्यवस्था) | दर |
|---|---|
| ₹4 लाख तक | 0% |
| ₹4 – 8 लाख | 5% |
| ₹8 – 12 लाख | 10% |
| ₹12 – 16 लाख | 15% |
| ₹16 – 20 लाख | 20% |
| ₹20 – 24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
FAQ
12 लाख CTC पर इन-हैंड कितना?
बेसिक 40%, पूरी बेसिक पर EPF और ₹2,500 PT मानकर: कर योग्य आय लगभग ₹10.65 लाख होने से टैक्स शून्य; मासिक इन-हैंड लगभग ₹90,200।
EPF सीमित क्यों होता है?
कानूनन EPF ₹15,000 मासिक वेतन तक अनिवार्य है; उससे ऊपर कंपनी चाहे तो पूरी बेसिक पर काट सकती है।
स्रोत (6 नवंबर 2026 को जाँचा गया): आयकर विभाग, EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952), राज्य प्रोफेशनल टैक्स नियम।